नारी सशक्तिकरण
नारी सशक्तिकरण को हर प्रकार परिभाषित किया जा सकता है। कि इससे महिलाओं में उस शक्ति का प्रवाह होता है. जिससे वह अपने जीवन से जुड़े हर फैसले स्वयं ले सकती हैं। समाज में उनके अधिकार को प्राप्त करने के लिए उन्हें सक्षम बनाना ही महिला सशक्तिकरण है।
आज के समय में महिला सशक्तिकरण एक विशेष चर्चा का विषय है। हमारे ग्रंथों में नारी के महत्व को बताया गया है। कि जहां नारी की पूजा होती है। वहां देवता का निवास होता है। महिला सशक्तिकरण का अर्थ महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार लाना है।उन्हें रोजगार शिक्षा आर्थिक विकास में बराबरी के अवसर मिल सके। तरक्की प्राप्त कर सकें। यह वह तरीका है जिसके द्वारा महिलाएं भी पुरुषों की तरह अपनी हर इच्छा को पूरा कर सकते हैं ।
भारत में महिला सशक्तिकरण की आवश्यकता है ।इसलिए बड़ी है क्योंकि पुराने समय से भारत में असमानता थी। जैसे- भेदभाव, सती प्रथा बाल विवाह, दहेज प्रथा, यौन हिंसा, बाल मजदूरी आदि।
इनमें से कई सारी प्रथाएं आज भी समाज में उपस्थित है भारत सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण के लिए कई बहुत सारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। महिला एवं बाल विकास कल्याण मंत्रालय तथा भारत सरकार द्वारा भारतीय महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना, महिला हेल्पलाइन योजना, महिला शक्ति केंद्र जैसी योजनाएं चल रही हैं। जिस तरह से भारत सबसे तेज आर्थिक विकास प्राप्त करने वाले देशों में शामिल हुआ है। उसे देखते हुए भविष्य में भारत को महिला सशक्तिकरण के लक्ष्य को प्राप्त करने पर भी ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। हमें महिला सशक्तिकरण के इस कार्य को समझने की आवश्यकता है ।