दहेज प्रथा
दहेज प्रथा जिसमें लड़की के परिवार को लड़के के परिवार के लिए नगद के रूप में उपहार देने और कीमती चीजें देना होता है। कई सारे लोग इसकी निंदा भी करते हैं , लेकिन कुछ लोगों का कहना है इसका अपना महत्व होता है। काफी लोग अभी भी दहेज की मांग करते हैं कई लोग यह भी कहते हैं कि, जो लड़कियां दिखने में अच्छी नहीं होती वह लड़के वाले की तरफ से मांगों को पूरा करके शादी कर लेती हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि, लड़कियों को बोझ के रूप में देखा जाता है और जैसे ही लड़कियां 18 वर्ष की आयु पार कर लेती है उनके माता-पिता और उनकी शादी के विषय में सोचने लगते हैं ।काफी लोग शादी में बहुत सारा धर्म खर्चा करना व घर गृहस्ती का सामान देने को बहुत बड़ा वरदान समझते हैं जो कि एकदम गलत है और कुछ लोग जो इतना धन नहीं खर्चा कर पाते उनकी बेइज्जती करते हैं हालांकि अब ऐसा समय है जब ऐसी सोच को बदलना चाहिए दहेज प्रथा के समर्थकों द्वारा यह भी माना जाता है कि दूल्हे के परिवार को भारी मात्रा में उपहार उपलब्ध कराने पर समाज में उनकी परिवार की इज्जत बढ़ जाती है हालांकि समाज में अभी भी पूरी तरीके से दहेज प्रथा बंद नहीं हुई है जिससे समाज पर बहुत प्रभाव तथा नुकसान पहुंच रहा है दहेज को एक दंडनीय अपराध घोषित करने के बाद भी लोग इसका पालन अभी भी कर रहे हैं कई लोग उसे परंपरा का नाम देते हैं कि यह समाज में वर्षों से चला आ रहा है।
यह दुखदाई है कि भारत में लोगों द्वारा दहेज प्रणाली के दुष्प्रभावों को पूरी तरह से समझने के बाद भी यह जारी है यह सही समय है कि देश में इस समस्या को खत्म करने के लिए हमें आवाज उठानी चाहिए।